Somvar Vrat Katha In Hindi | सोमवार व्रत करने से भगवान शिव की होगी विशेष लाभ।

सोमवार व्रत कथा ( Somvar Vrat Katha In Hindi ) के करने से आप के ऊपर माता पार्वती और भगवान शंकर की विशेष कृपा प्राप्त होता है हमारे हिन्दू धर्म में व्रतों का विशेष महत्व है और सोमवार को भगवान शिव का विशेष दिन माना जाता है। सोमवार व्रत का आचरण करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। इस लेख में हम सोमवार व्रत कथा को जानेंगे और इस व्रत के महत्व को समझेंगे।

सोमवार व्रत के विधि

सोमवार को भगवान शिव का व्रत भक्ति और श्रद्धा से किया जाता है। इस व्रत को आचरण करने से व्रती को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके जीवन में समृद्धि और सुख-शांति का आनंद मिलता है। सोमवार को व्रत करने के लिए निम्नलिखित विधि का पालन करें।

1. उपवास का आयोजन: सोमवार को भगवान शिव का व्रत रखने के लिए उपवास का आयोजन करें। इस दिन केवल फल और सात्विक भोजन करें। नमकीन, मसालेदार और तली हुई चीजें न खाएं। उपवास के दौरान दूध, फल, दही आदि का सेवन कर सकते हैं।

2. नीतिविधि का पालन: सोमवार व्रत के दिन व्रती को नीतिविधि का पालन करना चाहिए। उन्हें स्नान करके सफेद वस्त्र धारण करना चाहिए। व्रती को ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए और उन्हें दान-दक्षिणा देनी चाहिए।

3. शिवलिंग पूजा: सोमवार व्रत के दिन व्रती को शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। शिवलिंग पर जल, धूप, दीप, चंदन और बिल्वपत्र चढ़ाने से भगवान शिव को प्रसन्नता मिलती है। व्रती को भगवान शिव का मंत्र जप करना चाहिए और उनके ध्यान में लगे रहना चाहिए।

4. रुद्राभिषेक: सोमवार के दिन व्रती को रुद्राभिषेक करना चाहिए। रुद्राभिषेक से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और उनके आशीर्वाद से सभी कष्टों का नाश होता है।

5. ध्यान और जप: सोमवार के दिन व्रती को भगवान शिव का ध्यान करना और मंत्र जप करना चाहिए। ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘ॐ त्र्यंबकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।’ जैसे मंत्रों का जप करें।

6. सोमवार की आरती: सोमवार के दिन व्रती को सोमवार की विशेष आरती करनी चाहिए। व्रती भगवान शिव के गुण और महिमा को गाकर उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं।

7. प्रसाद बांटना: सोमवार के व्रत के बाद व्रती को पूजा का प्रसाद बांटना चाहिए। प्रसाद में मिठाई और फल हो सकते हैं। व्रती भक्तों को भी प्रसाद देने में खुशी मिलेगी।

सोमवार व्रत सामग्री

सोमवार के व्रत ( Somvar Vrat Katha In Hindi ) को ध्यानपूर्वक और श्रद्धापूर्वक करने के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होती है।

  1. शिवलिंग: शिवलिंग व्रत के दौरान भगवान शिव की पूजा का प्रतीक होता है। शिवलिंग को प्राकृतिक पत्थर का बना होना चाहिए और उसे एक पात्र में स्थापित करना चाहिए।
  2. जल: भगवान शिव की पूजा के लिए शुद्ध जल की आवश्यकता होती है। जल को कलश में भरकर रखें।
  3. धूप और दीप: भगवान शिव की पूजा में दूप और दीप जलाने का महत्व होता है। दूप को आँचल में बांधें और दीप को जलाएं।
  4. चंदन: भगवान शिव की पूजा के लिए चंदन का उपयोग करें। चंदन को शिवलिंग पर लगाएं और अपने भगवान को सन्तुष्ट करें।
  5. बिल्वपत्र: भगवान शिव को बिल्वपत्र के विशेष प्रसाद से प्रसन्न किया जाता है। बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाएं।
  6. फूल: भगवान शिव की पूजा में फूल का उपयोग करें। फूलों को भगवान की प्रतिमा पर चढ़ाएं।
  7. पान, सुपारी, नारियल: भगवान शिव को पान, सुपारी और नारियल का भी प्रसाद चढ़ाया जा सकता है।
  8. फल: सोमवार व्रत के दिन केवल सात्विक फल का सेवन करें।
  9. धार्मिक किताबें: व्रत करने से पहले धार्मिक किताबों को पढ़कर भगवान शिव के व्रत की विधि और महत्व का ज्ञान प्राप्त करें।

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नोट : यह जरुरी नहीं है की आपके पास सोमवार व्रत के सभी सामग्री उपलब्ध हो तभी आप Somvar Vrat Katha कर सकते है। भगवान शिव आपके सच्चे मन से बस एक लोटा जल शिव लिंग पर अभिषेक करने से भी प्र्शन होते है। पढ़े Somvar Vrat Katha In Hindi में पूरा कथा निचे मिलेगा आपको।

सोमवार व्रत कथा ( Somvar Vrat Katha In Hindi )

एक समय की बात है, एक गांव में एक धर्मिक व्यक्ति रहता था जिसका नाम धनुष था। धनुष भगवान शिव के भक्त थे और हर सोमवार को व्रत करके भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते थे। उन्हें भगवान शिव के प्रति गहरा श्रद्धा और भक्ति थी।

धनुष की पत्नी का नाम मोहिनी था और वह भी भगवान शिव की भक्त थी। धनुष और मोहिनी को एक सुंदर बेटी थी जिसका नाम सोना था। सोना भी अपने माता-पिता के साथ भगवान शिव की पूजा करती थी और सोमवार को भी व्रत करती थी।

एक सोमवार को सोना की शादी के अवसर पर उनके घर बड़ा उत्सव मनाया गया। भगवान शिव के भक्ति और आशीर्वाद से सभी खुशियां बढ़ गई। लोग उनके घर धनी और समृद्ध होने के कारण उन्हें बहुत प्रशंसा करते थे।

कुछ समय बाद, धनुष और मोहिनी को एक पुराने बाबा के पास जाने का मन हुआ। बाबा एक सभ्य और ज्ञानी व्यक्ति थे। धनुष और मोहिनी ने उन्हें भगवान शिव की भक्ति का वर्णन किया और उन्हें बाबा के पास ले गए।

बाबा ने उन्हें व्रत के फलस्वरूप धन और सम्पदा मिलते हैं बताया और उन्हें सोमवार को व्रत न करने की दया करते हुए कहा। धनुष और मोहिनी को बाबा के वचन पर विश्वास हो गया और वह सोमवार को व्रत नहीं करने लगे।

धनुष के घर में धन की वृद्धि होने लगी और उनकी सम्पदा में वृद्धि हो गई। उनका व्यापार भी बढ़ता गया और वे धनी हो गए। लेकिन धन के बढ़ते रहते धनुष और मोहिनी धार्मिकता भूल गए और भगवान शिव की पूजा करना छोड़ दिया।

धनुष और मोहिनी के घर में खुशियां कम होने लगीं और उनकी व्यापारिक समस्याएं बढ़ गईं। उनके व्यापार में नुकसान होने लगा और धन की बर्बादी हो गई। वे धनी से धनहीन हो गए।

धनुष को याद आया कि बाबा ने उन्हें सोमवार को व्रत नहीं करने की सलाह दी थी और उन्होंने व्रत न करने पर उसके वचन के अनुसार विपत्ति झेली थी। वे और मोहिनी फिर से भगवान शिव की पूजा करने लगे और सोमवार को व्रत करना फिर से शुरू कर दिया।

भगवान शिव ने धनुष की भक्ति और प्रेम से प्रसन्न होकर उन्हें अपने धन से ओतप्रोत बना दिया। उन्हें धरती पर समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति हो गई। धनुष और मोहिनी को भगवान शिव के आशीर्वाद से सभी खुशियां वापस मिल गईं और उनका जीवन पुनः समृद्ध हो गया।

सोमवार व्रत के महत्व

सोमवार व्रत का आचरण करने से व्रती को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में समृद्धि और शांति का आनंद मिलता है। सोमवार को भगवान शिव का विशेष दिन माना जाता है और इस दिन को विशेष भक्ति और प्रेम से उनकी पूजा करने से व्रती को भगवान शिव की कृपा मिलती है।

सोमवार व्रत का आचरण करने से व्रती को अपने जीवन को सफल और खुशहाल बनाने का सुनहरा अवसर मिलता है। इस व्रत को करके व्रती भगवान शिव की भक्ति और निष्ठा में सुधार होता है और उन्हें उनके वरदान से समृद्धि की प्राप्ति होती है।

सोमवार व्रत को करने से व्रती की भगवान शिव के प्रति आस्था बढ़ती है और वे उनके प्रिय भक्त बन जाते हैं। व्रती को सोमवार के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा करने से उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

सोमवार व्रत के लाभ

सोमवार व्रत कथा से हमें यह सिख मिलता है कि भगवान शिव की भक्ति और प्रेम से उनकी पूजा करने से व्रती को समृद्धि, सुख, और शांति की प्राप्ति होती है। सोमवार को भगवान शिव की विशेष पूजा करने से व्रती को उनके आशीर्वाद से सभी खुशियां मिलती हैं और उनका जीवन समृद्ध हो जाता है। इसलिए, सोमवार को भगवान शिव की पूजा और भक्ति करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

*ध्यान दें: इस लेख में दी गई कथा एवं व्रत के महत्व की जानकारी श्रद्धा एवं भक्ति विशेषज्ञ व्यक्ति द्वारा प्रयोग करने के पश्चात दी गई है। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार इसे अपने जीवन में उतारें।

सोमवार व्रत आरती:

आरती भगवान की महिमा गान करने का एक विशेष तरीका है। सोमवार के व्रत में सोमवार व्रत आरती को गाने से भगवान शिव की प्रसन्नता होती है और उनके आशीर्वाद से व्रती को समृद्धि और सुख-शांति मिलती है। यहां हम सोमवार व्रत आरती के बोल देखेंगे:

आरती भगवान शिव की (Somvar Vrat Katha In Hindi)

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे ।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी ।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

श्वेतांबर पीतांबर बाघंबर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूलधारी ।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा ।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा ।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला ।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

काशी में विराजे विश्वनाथ, नंदी ब्रह्मचारी ।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी सुख संपति पावे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. सोमवार व्रत का आचरण कैसे करें?

सोमवार व्रत को करने के लिए सोमवार को भगवान शिव की पूजा और अर्चना करें। व्रती भगवान शिव के ध्यान में लगे और मंत्र जप करें। व्रत के दिन नमकीन और फल खाकर उपवास करें और सात्विक भोजन करें।

2. सोमवार को भगवान शिव की कौन-कौन सी पूजा करें?

सोमवार को भगवान शिव की प्रमुख पूजाएं हैं शिवलिंग पूजा, बिल्वपत्र पूजा, चांदन पूजा, धूप-दीप आरती, रुद्राभिषेक, मृत्युंजय मंत्र जप आदि।

3. सोमवार व्रत को विधिवत तरीके से आचरण करने से क्या लाभ होता है?

सोमवार व्रत को विधिवत तरीके से आचरण करने से व्रती को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके जीवन में समृद्धि, सुख, और शांति का आनंद मिलता है। वे सभी समस्याओं से मुक्ति प्राप्त करते हैं और उन्हें सभी खुशियां मिलती हैं।

4. सोमवार व्रत को बिना विधिवत आचरण किए करने से क्या होता है?

सोमवार व्रत को बिना विधिवत आचरण किए करने से व्रती को भगवान शिव का आशीर्वाद नहीं मिलता है और उनके जीवन में समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति नहीं होती है। उन्हें सभी समस्याओं से निपटने में कठिनाई होती है और उन्हें खुशियां मिलने में समस्या होती है।

5. सोमवार व्रत के बाद क्या करें?

सोमवार व्रत के बाद व्रती को भगवान शिव का ध्यान करने और मंत्र जप करने के साथ-साथ दान-दक्षिणा देने, गरीबों की सेवा करने और भक्तों को प्रसाद बांटने का भी ध्यान रखना चाहिए। यह व्रती के लिए अच्छा होता है और उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इस लेख में हमने सोमवार व्रत कथा ( Somvar Vrat Katha In Hindi ) के महत्वपूर्ण पहलूओं को विस्तार से बताया है। Somvar Vrat को करने से हमें भगवान शिव के आशीर्वाद से समृद्धि और शुभकामनाएं प्राप्त होता हैं। इसलिए, सोमवार को भगवान शिव की पूजा और भक्ति में लगे और उनके आशीर्वाद का लाभ उठाएं। भगवान शिव की कृपा से सभी खुशियां आपके जीवन में आएंगी और आपका जीवन समृद्ध हो जाएगा। जय भोलेनाथ!

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