Raksha Bandhan: रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है, रक्षाबंधन की शुरुआत कैसे हुई समूर्ण जानकारी।

“Raksha Bandhan” रक्षा बंधन: जानिए क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कैसे हुई, जानिए क्यों मनाया जाता है रक्षा बंधन और इसकी शुरुआत कैसे हुई। इस आर्टिकल में हम आपको रक्षाबंधन का महत्व, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, और इसके पीछे की कहानी सुनाएंगे।

रक्षाबंधन, एक प्रेम और भाईचारे का प्रतीक, भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है और यह भाई-बहन के प्यार का प्रतीक होता है। इसका महत्वपूर्ण इतिहास है जिसकी खोज में हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको ले जाते हैं।

Raksha Bandhan Kya Manaya Jata Hai (रक्षाबंधन)

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कैसे हुई? रक्षा बंधन आ रहा है। यह सुनते ही सभी बहनों के चेहरे खुश हो जाते हैं। यही कारण है कि भाई बहन का रिश्ता शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। यह रिश्ता इतना पवित्र है कि पूरी दुनिया इसका सम्मान करती है।

Raksha Bandhan Kya Manaya Jata Hai

ऐसे में बहुत कम लोग जानते होंगे कि रक्षा बंधन क्या है और इसे कैसे मनाया जाता है। भारत को कई संस्कृतियों की धरती भी कहते हैं। वहीं इस रिश्ते को अलग नाम मिला। इसे एक त्योहार के रूप में मनाना इतना महत्वपूर्ण है। जी हाँ, मैं सिर्फ खोज सुरक्षा बंधन को मनाने के कारणों की बात कर रहा हूँ। “Raksha Bandhan” पर्व श्रावण पूर्णिमा पर मनाया जाता है। जो अक्सर अगस्त में आता है।

रक्षा बंधन क्या है – What is Raksha Bandhan in Hindi

रक्षा बंधन पर्व दो शब्दों से बना है: “रक्षा” और “बंधन।” संस्कृत में इस पर्व का अर्थ है “एक ऐसा बंधन जो की रक्षा प्रदान करता है।” यहाँ, “रक्षा” का अर्थ है रक्षा प्रदान करना, और “बंधन” का अर्थ है एक गांठ या डोर जो की रक्षा करे।

रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है हिंदी में दोनों शब्द भाई-बहन को दर्शाते हैं। ये प्रतिक सिर्फ पारिवारिक संबंध नहीं बताते, बल्कि एक पवित्र संबंध भी बताते हैं। यह त्यौहार आपको खुश करेगा। ये भाइयों को याद दिलाता है कि उन्हें अपनी बहनों को हर समय बचाना चाहिए।

भाई-बहन को रक्षा बंधन का प्रतीक माना जाता है। रक्षा बंधन घर में खुशी लाता है और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शाता है। यह त्योहार भी भाईयों को याद दिलाता है कि उन्हें अपनी बहनों को बचाना चाहिए।

नाम (Festival)रक्षाबंधन (Raksha Bandhan)
अन्य नाम रक्षाबंधन का राखी, सालूनो, सिलोनो, रकरी
प्रकारहिन्दू, जैन, सिख
महत्वभाई-बहन के पवित्र बंधन का प्रतीक
तिथिश्रावण मास की पूर्णिमा
पूजा विधिसुंदरकाण्ड, हनुमान चालीसा, हनुमान-राम-सीता की पूजा, सिंदूर, पुष्प,
चना, गुड़, नारियल, बेसन के लड्डू, घी का दीपक, आरती
संस्करण  हर साल मनाया जाता है।
रक्षाबंधन 2023 30 अगस्त को (प्रदोष काल) या 31 को अगस्त (सूर्योदय से पहले)

रक्षाबंधन कैसे मनाया जाता है?

रक्षाबंधन को मनाने की एक प्रक्रिया होती है, जो सभी त्योहारों की तरह अनिवार्य है।
चलिए इस बारे में अधिक जानते हैं।

रक्षाबंधन के दिन सुबह उठकर जल्दी नहाना चाहिए। इससे शरीर और मन दोनों पवित्र होते हैं। फिर भगवान की पूजा की जाती है। पूरे घर को साफ करने के बाद चरों पर गंगा जल डाला जाता है।

अब बात राखी बांधने की है। राखी की थाली को पहले सजाया जाता है। रक्षाबधंन के दिन पितल की थाली में राखी, चंदन, दीपक, कुमकुम, हल्दी, चावल के दाने, नारियल और मिठाई रखी जाती है।

यह भी पढ़े :- रक्षाबंधन व्रत कथा ,इतिहास और सम्पूर्ण जानकारी

अब भाई को बुलाया जाता है और उन्हें एक स्पष्ट जगह पर नीचे बिठाया जाता है। फिर राखी बांधने की प्रक्रिया शुरू होती है।थाली के दीये को जलाने के बाद बहन भाई के माथे पर तिलक चन्दन लगाती है। फिर भाई की आरती वहीं करती है।

उसके बाद वह अक्षत फेंककर मन्त्र बोलती है। और भाई के कलाई में राखी डालती है। वहीँ उसे मिठाई भी देती है। जब भाई बड़ा होता है, बहन उसके चरण स्पर्श करती है, जबकि भाई छोटा होता है।

अब भाई अपनी बहन को एक गिफ्ट देता है। जिससे बहन खुश होती है एक बात है कि दोनों को राखी पूरी होने तक भूखे रहना चाहिए। इसके बाद राखी पूरी होती है।

रक्षाबंधन का महत्व

रक्षाबंधन, ‘रक्षा’ और ‘बंधन’ शब्दों से मिलकर बना है, जिसका अर्थ होता है ‘सुरक्षा का बंधन’। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य भाई-बहन के प्यार और संबंध को मजबूती से जोड़ना है। इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है कि भाई अपनी बहन की सुरक्षा का वचन देता है और बहन अपने भाई के लिए उसकी रक्षा करने का आश्वासन देती है।

यह भी पढ़े :- हरतालिका तीज व्रत कथा

रक्षाबंधन की शुरुआत

रक्षाबंधन का इतिहास वेदिक काल में तक जाता है, जब राजा युधिष्ठिर और कौरवों के बीच युद्ध था। इस युद्ध में अपने भाई अभिमन्यु की रक्षा के लिए अर्जुन ने कृष्ण से सलाह ली थी। कृष्ण ने उन्हें अपने भाई की रक्षा के लिए एक विशेष व्रत का आयोजन करने की सलाह दी थी, जिसे आज रक्षाबंधन के रूप में मनाया जाता है।

रक्षाबंधन के आधुनिक परिप्रेक्ष्य में

आजकल, रक्षाबंधन एक मनोरंजन के साथ-साथ एक परिवारिक और सामाजिक उत्सव भी है। यह समय होता है जब बड़े बहन छोटे भाई को राखी बांधती हैं और उन्हें विशेष आशीर्वाद देती हैं। छोटे भाई भी अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनके साथ समय बिताते हैं। इससे परिवार के सदस्य एक-दूसरे के साथ क्लोज़ बने रहते हैं और प्यार और समर्थन का एहसास होता है।

रक्षाबंधन का धार्मिक महत्व

रक्षाबंधन का धार्मिक महत्व भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम के उत्कृष्ट प्रतीक के रूप में माना जाता है जो एक-दूसरे के संजीवनी संबंध को प्रकट करता है।

रक्षाबंधन समारोह और परंपराएँ

रक्षाबंधन का समारोह आमतौर पर परिवारों में मनाया जाता है, लेकिन यह भी विभिन्न रूपों में समाज में मनाया जाता है। विभिन्न प्रांतों में इसे नाम और रूप में बदलते हुए मनाया जाता है, लेकिन इसकी मूल परंपरा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।

रक्षाबंधन के विभिन्न रूप

रक्षाबंधन के अलावा भी कई विभिन्न रूपों में इसे मनाया जाता है, जैसे कि दोस्तों के बीच में, समाज में और सामाजिक संगठनों में। इन सभी रूपों में यह एक उत्कृष्टता का प्रतीक बनता है और समाज को एकजुट करने का एक माध्यम प्रदान करता है।

रक्षाबंधन का सामाजिक संदेश

रक्षाबंधन का सामाजिक संदेश है कि हमें अपने प्रियजनों की सुरक्षा और सहायता करने का प्रतिबद्ध रहना चाहिए। यह भाई-बहन के प्यार के अलावा एक दूसरे के साथ आपसी समर्थन की महत्वपूर्णता को भी दर्शाता है।

रक्षाबंधन के आधुनिक दृष्टिकोण

आजकल, तकनीकी उन्नति के साथ, रक्षाबंधन को भी नए तरीकों से मनाया जा रहा है। विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म्स पर विशेष रूप से यह पर्व अपने भाई-बहन को ऑनलाइन उपहार भेजने का एक अच्छा माध्यम बन चुका है।

FAQs

Q: रक्षाबंधन कब मनाया जाता है?
A: रक्षाबंधन प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

Q: रक्षाबंधन का मूल उद्देश्य क्या है?
A: रक्षाबंधन का मूल उद्देश्य भाई-बहन के प्यार और संबंध को मजबूती से जोड़ना है।

Q: रक्षाबंधन की शुरुआत कैसे हुई?
A: रक्षाबंधन का इतिहास वेदिक काल में तक जाता है, जब अर्जुन ने कृष्ण से अपने भाई की रक्षा के लिए व्रत का आयोजन करने की सलाह ली थी।

Q: रक्षाबंधन का सामाजिक संदेश क्या है?
A: रक्षाबंधन का सामाजिक संदेश है कि हमें अपने प्रियजनों की सुरक्षा और सहायता करने का प्रतिबद्ध रहना चाहिए और आपसी समर्थन की महत्वपूर्णता को समझना चाहिए।

Q: रक्षाबंधन के आधुनिक रूप क्या हैं?
A: आजकल, रक्षाबंधन को ऑनलाइन उपहार भेजने का एक नया तरीका बन गया है, जिससे लोग अपने भाई-बहन को ऑनलाइन से भी बधाई देते हैं।

निष्कर्ष

रक्षाबंधन एक पारंपरिक भारतीय पर्व है जो भाई-बहन के प्यार और संबंध को मजबूती से जोड़ता है। इसका महत्वपूर्ण धार्मिक, सामाजिक, और मानसिक महत्व होता है और यह हमें आपसी सहायता और समर्थन की महत्वपूर्णता को सिखाता है। इस रक्षाबंधन पर, हम सभी को अपने प्रियजनों के साथ खुशियों और प्यार से समय बिताने का मौका मिलता है।

Leave a Comment