Raksha Bandhan – रक्षाबंधन: भाई बहन के प्यार का प्रतीक

आज हम रक्षाबंधन: “Raksha Bandhan” भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है इस त्यौहार के बारे में जानने वाले है। “Raksha Bandhan Kya Hai Aur Kyu Manaya Jata Hai” सम्पूर्ण जानकारी रक्षाबंधन के बारे में इस लेख में मिलने वाला है।

Raksha Bandhan Kya Hai Aur Kyu Manaya Jata Hai

जानिए रक्षाबंधन का महत्व और मनाने की प्रक्रिया, इस लेख में हम आपको बताएंगे रक्षाबंधन का क्या है, इतिहास, कथा, 2023 में मनाने का सही समय, मंत्र और पूजा विधि के बारे में।

रक्षाबंधन क्या है: Raksha Bandhan Kya Hai

रक्षाबंधन एक पारंपरिक भारतीय त्योहार है जो भाई-बहन के प्यार और बंधन को मनाता है। यह त्योहार शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को स्थित है और सालाना अगस्त या सितंबर महीने में मनाया जाता है। इस दिन बहने अपने भाइयों को राखी बांधती हैं, जिससे एक खास बंधन का संकेत मिलता है।

रक्षाबंधन का यह नाम ‘रक्षा’ और ‘बंधन’ शब्दों से आया है, जिसका अर्थ होता है ‘सुरक्षा की बंधन’। यह त्योहार भाई को उसकी बहनों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रतीक दिखाने का एक मौका प्रदान करता है, जब वे उनकी सुरक्षा और सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करते हैं।

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है: Raksha Bandhan

रक्षाबंधन का मतलब होता है “रक्षा” और “बंधन”। यह त्योहार भाई-बहन के प्यार और संबंध को मजबूती से प्रकट करने का एक अवसर होता है। बहन अपने भाई के लिए प्रेम और समर्पण का संकेत देती है, जबकि भाई बहन की सुरक्षा और कल्याण का प्रतिज्ञान करता है।

रक्षाबंधन का मुख्य उद्देश्य भाई-बहन के दरमियान प्यार और सख्त बंधन को मजबूती से प्रकट करना है। यह त्योहार भाई-बहन के आपसी संवाद को मजबूती से मनाने का एक अद्वितीय तरीका है। इस दिन बहन अपने भाइयों की सुरक्षा की कवच में बनती हैं, जिससे उनके आपसी रिश्तों की मजबूती का प्रतीक मिलता है।

रक्षाबंधन पर बहन ही भाई को राखी क्यों बांधती है:

रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों को राखी बांधती हैं, जिससे एक सांतानिक और आदर्श बंधन की प्रतीकता मिलती है। राखी एक परिपूर्ण बंधन का प्रतीक होती है जिसमें बहन अपने भाई की सुरक्षा और खुशियों की कवच में बुनती हैं। इसके साथ ही, यह भाई के लिए एक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी होती है कि वह हमेशा अपनी बहन की सुरक्षा और खुशियों की चिंता करेगा।

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रक्षाबंधन का इतिहास: पौराणिक कथाओं में छिपा रहा महत्व

रक्षाबंधन का इतिहास पौराणिक कथाओं में मिलता है जो इसके महत्व को बताती हैं। एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, दुर्योधन और द्रौपदी के बीच एक घटना घटी थी जिसने रक्षाबंधन की शुरुआत की।

Raksha Bandhan kab hai

रक्षाबंधन की कथा (Raksha Bandhan Varat Katha In Hindi ): कृष्णा और द्रौपदी के बीच एक दिलचस्प घटना हुई थी। एक बार कृष्णा ने अपनी उंगली को काट लिया और उसकी आहुति द्रौपदी के हाथों में लगा दी। द्रौपदी बहुत चिंतित हो गई और उन्होंने कृष्णा को पूछा कि ऐसा क्यों किया। कृष्णा ने उत्तर दिया कि वह उनकी बहन की सुरक्षा के लिए यह चाहते हैं, तथा उन्हें रक्षाबंधन की शक्ति का परिचय देना चाहते हैं। इसके बाद से ही रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाने लगा।

रक्षाबंधन का इतिहास प्राचीन भारत में मिलता है। पुराने समय में युद्धों के समय में बहनें अपने भाइयों को रक्षा और शक्ति का संकेत मानती थीं। वे उन्हें युद्ध में सफलता दिलाने के लिए आशीर्वाद देती थीं।

रक्षाबंधन का महत्व: संबंधों की मजबूती का प्रतीक

रक्षाबंधन का महत्व भाई-बहन के आपसी संबंधों की मजबूती को दर्शाता है। यह एक मौका होता है जब भाई अपनी बहन के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करता है और बहन अपने भाई की सुरक्षा की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करती हैं।

रक्षाबंधन 2023 में कब है :

रक्षाबंधन 2023 में Wed, 30 Aug, 2023 को मनाया जाएगा। यह दिन भाई-बहन के प्यार और संबंध को मनाने का अवसर होता है।

रक्षाबंधन की शुभ मुहूर्त: रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त को रात 09 बजकर 01 मिनट के बाद से शुरू होगा और इस मुहूर्त का समापन 31 अगस्त को सूर्योदय काल में सुबह 07 बजकर 05 बजे पर होगा।

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शुभ मुहूर्त, मंत्र और पूजा विधि: रक्षाबंधन का अद्भुत उपहार

रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन विशेष शुभ मुहूर्त में इस त्योहार का आयोजन करते हैं। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और वे आपसी प्यार और समृद्धि की कामना करते हैं।

रक्षाबंधन का मंत्र: “येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।”

पूजा विधि:

  1. शुद्धि करके ध्यान करें और पूजा स्थल को सजाएं।
  2. राखी को गंध, रोली, अक्षत और मिश्री के साथ सजाएं।
  3. भाई का चेहरा पूजा करें और उन्हें बधाई दें।
  4. राखी बांधकर मंत्र पढ़ें और फिर उनकी कलाई में राखी बांधें।
  5. उन्हें मिश्री खिलाएं और आशीर्वाद दें।

रक्षाबंधन के इस खास मौके पर, भाई-बहन के प्यार को और भी मजबूती से बांधने का एक अद्वितीय अवसर होता है। इस रक्षाबंधन पर, आपके और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं!

FAQs:

रक्षाबंधन क्या है? रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार और बंधन का प्रतीक है, जिसमें बहन अपने भाई को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा की कवच में बांधती है।

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है? रक्षाबंधन का मुख्य उद्देश्य भाई-बहन के प्यार और बंधन को मजबूती से प्रकट करना है और उनके आपसी संबंधों को मजबूत करना है।

रक्षाबंधन पर राखी क्यों बांधी जाती है? रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा और सुख-शांति की कवच में बांधती हैं, और उनकी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करती हैं।

रक्षाबंधन का इतिहास क्या है? रक्षाबंधन का इतिहास पौराणिक कथाओं में मिलता है, जिसमें द्रौपदी और कृष्णा के बीच हुई घटना महत्वपूर्ण है।

रक्षाबंधन 2023 में कब है? रक्षाबंधन 2023 में Wed, 30 Aug, 2023 को मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन का मंत्र क्या है? रक्षाबंधन के मंत्र में भाई के लिए सुरक्षा की कामना की जाती है।

निष्कर्ष:

रक्षाबंधन एक ऐतिहासिक और पारंपरिक त्योहार है जो भाई-बहन के प्यार और संबंधों की महत्वपूर्णता को प्रकट करता है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति में आपसी स्नेह और सख्त बंधन की प्रतीकता है, जो रिश्तों को मजबूत और दृढ़ बनाता है।

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